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भाजपा के भूमि एवं राजस्व मंत्री भूमाफियाओं पर कार्रवाई की बात करतें है दूसरी तरफ भाजपा के नेता ही जबरन जमीन कब्जा कर रहें हैं- डॉ० अजीत कुशवाहा


बक्सर पत्रिका :- भाकपा माले के डुमराँव से पूर्व विधायक डॉ अजीत कुमार सिंह के साथ सुदामा उपाध्याय ने जिलाधिकारी, बक्सर से मिलकर जिला मुख्यालय स्थित नया बस स्टैंड बाइपास रोड पेट्रोल पंप के पीछे स्थित अपनी पुश्तैनी भूमि पर अवैध कब्जा और जाली दस्तावेज़ों के आधार पर भाजपा नेता प्रदीप राय द्वारा जबरन निर्माण कार्य पर रोक लगाने एवं न्यायालय के आदेशानुसार कार्रवाई करने तथा जान-माल की रक्षा की गुहार लगायी है। पीड़ित सुदामा उपाध्याय के अनुसार खाता संख्या 71/42, प्लॉट संख्या 321/938, रकबा 6 कट्ठा भूमि उनकी पुश्तैनी संपत्ति है, जिसका न तो उनके द्वारा और न ही उनके स्वर्गीय पिता द्वारा किसी को विक्रय या हस्तांतरण किया गया है। बावजूद इसके, प्रदीप कुमार राय एवं अखिलेश राय द्वारा जबरन कब्जा कर अवैध निर्माण कराया जा रहा है।


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      पीड़ित का आरोप है कि वर्ष 2016 में उनकी माताजी जिनका निधन 30 नवंबर 2013 को ही हो चुका था है, के नाम से फर्जी स्वीकृति पत्र बनाकर अंगूठा निशान लिया गया और उसी आधार पर अवैध बिक्री दिखाई गई, जो स्पष्ट रूप से जालसाजी का मामला है। इस संबंध में सिविल कोर्ट, बक्सर में मामला दर्ज कराया गया, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 467 व 471 के तहत संज्ञान लिया गया है। इसके बावजूद अवैध कब्जा व निर्माण जारी है। केस दर्ज होने के बाद से उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान-माल की धमकियाँ मिल रही हैं जिससे पीड़ित ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध कब्जा व निर्माण को तत्काल रोका जाए, दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। ऐसा ही मामला बक्सर के सोहनिपट्टी निवासी राजनकान्त उपाध्याय का भी है जिनका लालगंज मौजा के खाता संख्या 137/115 प्लॉट संख्या 653/485, रकबा 17 कट्ठा भूमि जो उनकी पुश्तैनी संपत्ति है को भी जबरन प्रदीप कुमार राय पिता कालिका राय द्वारा ओपन बिरला माइंड स्कूल में जबरन कब्जा कर मिला लिया गया है। जमीन नहीं देने पर जान-माल की लगातार धमकी मिल रही है। इस संबंध में इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व विधायक डॉ अजीत कुमार सिंह ने कहा कि यह मामला न केवल भूमि माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाता है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। जिला के संबंधित उच्च अधिकारियों से पीड़ितों ने बार-बार न्याय की गुहार लगायी है, परंतु सभी अधिकारियों द्वारा कार्रवाई करने से साफ इंकार कर दिया है । इससे साबित होता है कि भूमाफियाओं का भय सिर्फ आम गरीब लोगों में ही नहीं बल्कि प्रशासनिक महकमों में भी व्याप्त है। बिहार के माननीय मुख्यमंत्री, माननीय गृह मंत्री एवं माननीय भूमि एवं राजस्व मंत्री के तमाम दावे खोखले साबित हो रहें हैं। भूमाफियाओं का मनोबल सातवें आसमान पर है। हमारी माँग है कि भूमाफियाओं पर अविलंब कार्रवाई किया जाए तथा पीड़ितों के जान-माल की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जाय। हमने जिला अधिकारी, बक्सर से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है।

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