
बक्सर पत्रिका / डुमरांव :- नगर परिषद पर हर दिन किसी न किसी के द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाते रहे है। अभी हाल ही में मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी नगर परिषद का मामला प्रकाश में आया हुआ था। इसी बीच आज दिन शनिवार को सामाजिक मंच द्वारा भी प्रेस कांफ्रेंस आयोजित करते हुए सवालों को खड़ा किया गया है। सामाजिक मंच के संयोजक प्रदीप शरण ने बताया कि नगर परिषद के भ्रष्टाचार रवैया के खिलाफ सामाजिक मंच घर घर जाकर जन जागरण अभियान चलाएगा। नगर परिषद द्वारा विकास, रौशनी, जल जीवन हरियाली, जलजमाव से निजात के नाम पर अरबों रुपया का लूट किया गया है। मंच द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में कहा गया है कि एनजीटी के निर्देश के वितरित अभी भी नगर परिषद काव नदी में कूड़ा डंप कर रहा है। कूड़ा निष्पादन के नाम पर करोड़ों रुपया का घोटाला हुआ है। जबकि शहर का एकत्रित कूड़ा से उन जल स्रोतों को भरा गया है जो शहर के पानी निकास में सहायक है। होल्डिंग टैक्स के साथ लिए जा रहे पानी टैक्स पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए मंच के द्वारा कहा गया है कि नगर परिषद पहले लोगों के घर में पानी की सप्लाई मुहैया कराए। उसके बाद लोगों से टैक्स की वसूली करें। जिन घरों में पानी की सप्लाई हो रही है उसकी शुद्धता की गारंटी लेने वाला कोई नहीं है। नगर परिषद को तानाशाह बताते हुए सामाजिक मंच ने कहा है कि सेंट्रल नाला की सफाई के लिए निकला टेंडर पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। जनता के पैसे का दुरुपयोग तथा लूट बंद कर पहले सेंट्रल नाला से निकलने वाले मलवा निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। मंच का कहना है कि सफाई के लिए प्रतिनियुक्त एनजीओ के नाम पर प्रतिमाह नगर परिषद एक बड़ी धनराशि का बंदरबांट कर रही है। सफाई के नाम पर शहर के लोगों को धोखा दिया जा रहा है।
प्रेस वार्ता के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य बात का जिक्र करते हुए कहा कि नप विभाग के नियमो का कभी पालन नही करता है। जबकि विभाग के अवर सचिव राम सेवक प्रसाद के द्वारा एक पत्र जारी किया गया था जिसका आदेश संख्या 2791 दिनांक 6 जून 2019 के आदेश का हवाला देते हुए सामाजिक मंच का कहना है कि नगर परिषद को प्रत्येक माह आम सभा का आयोजन कर शहर के प्रबुद्ध लोगों से विकास एवं अन्य कार्यों पर मंत्रणा करनी है। इस आदेश का नगर परिषद ने आज तक अनुपालन नहीं किया है। मंच का कहना है कि जब बोर्ड भंग है तथा चुनाव होना बाकी है ऐसे में प्रशासक सह कार्यपालक पदाधिकारी की जिम्मेदारी इस आदेश के अनुपालन के लिए बढ़ जाती है। प्रेस वार्ता में मंच के प्रदीप शरण, सुनील चतुर्वेदी, अमरनाथ केसरी, सुरेश यादव, अधिवक्ता सुनील तिवारी आदि उपस्थित रहे।