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मऊ की घटना को लेकर भाकपा माले ने मनाया कर्जा मुक्ति दिवस


बक्सर पत्रिका :- विद्यापतिनगर समस्तीपुर के मऊ में कर्ज की फांस से एक ही परिवार के 5 सदस्यों की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और परिजनों को उचित मुआवजा देने केसीसी, संस्थागत, माइक्रो फाइनेंस व महाजनी कर्जो से मुक्त करने सभी गैरकरदाताओं को 7500 रू देने की मांग पर भाकपा माले द्वारा कर्जा मुक्ति दिवस पर डुमराँव शहर में मार्च निकाला गया। भयावह स्थितियों में जी रहे राज्य में लाखों गरीब परिवार उनको सभी तरह के कर्जों से मुक्त करना होगा। वर्ष 2014 में भाकपा माले ने राज्य के विभिन्न जिलों में गरीबों के बीच एक सर्वेक्षण अभियान चलाते हुए राज्य में गरीब परिवारों पर महाजनी व सरकारी/ संस्थानिक कर्जे की स्थिति की भयावहता की शिनाख्त करते हुए राज्य सरकार से गरीबों को कर्ज से मुक्त कराने का अभियान चलाने की पुरजोर मांग की थी। कोविड महामारी के दौरान और उसके बाद जब राज्य में माइक्रो फायनांस संस्थाओं द्वारा खस्ताहाल आर्थिक स्थिति में पहुंच चुके गरीब परिवारों से कर्ज वसूली का दबाव बनाया जा रहा था, इसके खिलाफ भाकपा माले और ऐपवा ने लगातार विरोध प्रदर्शनों के जरिए सरकार से इस पर रोक लगाने और गरीबों पर सभी तरह के कर्जों को माफ करने की मांग की थी और सरकार को भयावह होती जा रही इस स्थिति के प्रति आगाह कराया था। आज नतीजा हमारे सामने है। मऊ की घटना पर लोगों को इस बात पर भी संदेह है कि यह आत्महत्या की घटना है या हत्या, इसलिए इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए और इस मामले में मुख्य दोषियों और साथ ही मृतक परिवार द्वारा बार-बार शिकायत करने के बावजूद ऐसी स्थिति रोकने के लिए कोई कदम न उठानेवालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा-जदयू राज में सरकारी/सांस्थानिक और महाजनी कर्ज की भयावह फांस के बीच रोजगार के भारी संकट और कमरतोड़ महंगाई ने राज्य के लाखों गरीब परिवारों को मौत के मुहाने पर ला खड़ा किया है। गरीबों की कर्ज माफी का व्यापक अभियान नहीं चलाया गया तो आगे इसके और भी भयावह दुष्परिणाम सामने आयेंगे। हम मार्च के माध्यम से मृतक परिवार का 20 लाख रू का तत्काल मुआवजा देने तथा बच रहे परिजनों की दबंग सूदखोरों से पूरी सुरक्षा देने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की मांग करते हैं। मार्च में भाकपा माले के डुमराँव प्रखण्ड सचिव काॅ सुकर राम, नावानगर सचिव हरेन्द्र राम, केसठ सचिव ललन प्रसाद, आइसा सचिव धनजी कुमार, सुरेन्द्र, माले नेता कन्हैया पासवान, नीरज यादव, संतोष यादव, रेखा देवी, जाबिर अंसारी, श्रीभगवान राम सहित दर्जनों लोगों ने हिस्सा लिया।