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शहादत दिवस पर याद किए गए कॉमरेड चन्द्रशेखर


बक्सर पत्रिका :- भाकपा माले के केसठ प्रखण्ड कार्यालय पर प्रखंड सचिव ललन प्रसाद के नेतृत्व में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता काॅमरेड चंद्रशेखर प्रसाद उर्फ चंदु और काॅमरेड श्याम नारायण यादव की 24 वीं शहादत दिवस मनाया गया। चंद्रशेखर के तैल्य चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हुए शहादत दिवस मनाया गया।


        ललन प्रसाद ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये सरकार पूंजीपतियों की सरकार हैं। देश मे गरीबों को रहने के लिए छत तक नहीं हैं। शिक्षा और रोजगार से लोग वंचित हैं। फ़ासीवाद दबंग के इस दौर में जाति और धर्म से ऊपर उठ कर देश की मुद्दों से संघर्ष करने की जरूरत हैं। शहीद कामरेड चंद्रशेखर ने कहा था कि सबसे बुरा होता है नौजवानों के सपनों का मर जाना। आज देश की सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और हर अधिकार से वंचित कर रही है। देश में हर तबके लोग परेशान है। रोजगार देने के बजाय देश के प्रधानमंत्री बेरोजगार बना रहे हैं देश के राष्ट्रीय सम्पत्ति को निलाम करने में लगें हैं जो इनसे सवाल करते हैं। उन्हें देश द्रोह बता रहे हैं। देश में नफरत की राजनीति कर समाज को बांटा जा रहा है। आज युवा वर्ग को हर मोर्चे पर संगठित होकर फासीवादी हमले के खिलाफ संविधान और देश की रक्षा करनी होगी। यही शहीद कामरेड चंद्रशेखर की असली श्रद्धांजलि होगी।




1997 में चंद्रशेखर की हत्या कर दी गई थी 


बता दें कि साल 1997 में 31 मार्च को सिवान के जेपी चौक पर एक धरने के कार्यक्रम के दौरान चंद्रशेखर और भाकपा (माले) के एक दूसरे नेता की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। काॅमरेड चन्द्रशेखर उर्फ चंदु और काॅमरेड श्याम नारायण यादव को श्रद्धांजलि देते शहादत दिवस मनाए दर्जनों इंकलाबी छात्र नौजवान एवं पार्टी के कार्यकर्ता वीरेंद्र प्रसाद, तेजबहादुर, राजगृही, रेखा देवी, संतोष प्रसाद, सिगासन मुसहर, शामिल रहे।